मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को क्यों हैं आगामी बिहार विधानसभा चुनाव परिणाम को लेकर इतना कॉन्फिडेंट । मुख्यमंत्री किस आधार पर कह रहे हैं कि आगामी विधानसभा चुनाव में एनडीए को 220 सीटो से अधिक आयेगा। क्या है इसका असली वजह आप जानते हैं नहीं न आइए हम बताते हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार दो दिन पहले पटना स्थित जदयू कार्यालय में बिहार भर से आए पार्टी पदाधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव में एनडीए प्रचंड बहुमत के साथ फिर सरकार में लौटेगी। नीतीश कुमार वैसे ही कुछ अन्य नेताओं की तरह नहीं बोलते हैं अगर बोले हैं तो इसका मायने है। सबसे पहले शायद मुख्यमंत्री इस बार के लोकसभा चुनाव को आधार मानते हैं जिसमें लोकसभा चुनाव में एनडीए गठबंधन को 170 विधानसभा चुनाव में बढ़त मिली थी ।इस बढ़त में जदयू भाजपा से आगे थी। दुसरा आधार यह है कि इसमें कोई दो राय नहीं कि बिहार में इन्होंने बहुत हीं इमानदारी से हर वर्गों के लिए सामान रूप से विकास कार्य किया है। जहां तक रोजगार की बात है तो मुख्यमंत्री ने कहा है कि चुनाव से पूर्व बिहार में दस लाख नहीं बारह लाख तक नौकरी नौजवानों को मिल जायेगी। इतना हीं नहीं उन्हें पूरा भरोसा है कि बिहार की महिलाएं सरकार के काम काज और दिए गए सम्मान से काफी खुश हैं। एक करोड़ से अधिक जीविका दीदियो की तकदीर बदल गई है और ये आत्म निर्भर होती जा रही है। उन्होंने कहा हमने सम्पूर्ण बिहार को अपना परिवार मान कर विकास कार्य किया है। लेकिन कुछ लोग सिर्फ अपने परिवार की चिंता की है और आज भी वही कर रहे हैं। मुख्यमंत्री का इशारा लालू प्रसाद यादव के लिए है। वहीं कुछ लोग अलग-अलग दावे कर रहे हैं। लेकिन आप निश्चित रहिए बिहार में किसी की भी दाल गलने वाली नहीं है। हर समाज हर मजहब का हमने सम्मान किया है आगे भी यही होता रहेगा। इसलिए जिसको बिहार में सरकार बनाने को लेकर ख्याली पुलाव पकाना है चुनाव से पहले तक खूब पका लें परिणाम आते हीं ये ख्याली पुलाव पकाने वाले कहीं नजर नहीं आयेंगे। मतलब साफ है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को शत-प्रतिशत भरोसा और विश्वास है कि आगामी विधानसभा चुनाव में एनडीए गठबंधन की प्रचंड जीत होगी। हालांकि जदयू और भाजपा में उपर से तो सब कुछ ठीक ठाक दिखता है लेकिन भीतर में कलह है। जदयू स्वयं इसका शिकार हैं ।

पदाधिकारियों की मनमानी और भ्रष्टाचार को लेकर गठबंधन में दरारें स्पष्ट झलकती है। फिर भी मुख्यमंत्री कॉन्फिडेंट हैं यह बड़ी बात है। इधर दुसरे दल खासकर विपक्षी दलों को मुख्यमंत्री की यह भविष्यवाणी बेतुका लगा है। तेजस्वी जहां स्वयं जीत का दावा ठोक रहे हैं तो जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर का कहना है कि आगामी विधानसभा चुनाव में जदयू समाप्त हो जायेगी और जदयू को बीस से अधिक सीट नहीं मिलेगा। भाजपा को जरूर प्रशांत किशोर जदयू से मजबूत मानते हैं लेकिन राजद और जदयू का सफाया हो जाने की भविष्यवाणी कर रहे हैं। वहीं कांग्रेस जो बिहार में काफी कमजोर हो चुकी है वह भी पार्टी में नयी जान फुंकने की तैयारी कर रही है। किसके दावे में कितना दम है यह तो वक्त बताएगा लेकिन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जो कभी इस तरह के दावे या ऐसा बयान नहीं देते हैं उन्होंने खुलकर कहा है कि आगामी विधानसभा चुनाव में एनडीए 220 सीट जीतकर वापस सरकार बनायेगा। बिहार विधानसभा चुनाव होने में तो अभी देर है लेकिन चुनावी सरगर्मी बिहार में बढ़ने लगी है। इसके जड़ में प्रशांत किशोर का जन सुराज को माना जाता है जो अब पार्टी में परिवर्तित हो चुका है। इतना तो है कि भाजपा जदयू राजद और कांग्रेस सभी दलों का कान जन सुराज के कारण खड़ा हो गया है। सभी दल अपने अपने तरीके से पार्टी गतिविधियों को तेज कर दी है और तरह तरह के कार्यक्रम चला रही है। मुख्यमंत्री के इस भविष्यवाणी से बिहार की राजनीति गरमा गई है और हर दलों की प्रतिक्रिया आने लगी है।

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