मधुबनी में इन दिनों भू माफिया को पीछे छोड़ दिया है शराब माफिया। जमीन माफिया की दबंगई से तो हर कोई वाकिफ है लेकिन शराब माफिया धीरे-धीरे इतना पैर फैला लिया है कि हर थाना में ये पुलिस को चुनौती दे रहा है। कल जो बेनीपट्टी के धनौजा गांव में सरेयाम हरिमोहन झा की गोली मारकर हत्या कर दी गई वह कोई और अपराधी नहीं बल्कि शराब माफिया है। पुलिस सूत्रों से जो जानकारी मिल रही है उसमें ठेकेदार हरिमोहन झा ने शराब माफियाओं की जानकारी पुलिस को दी थी। शराब माफिया इसी का बदला लिया और और हरिमोहन झा को घर से बुलाकर बीच चौराहा पर गोली से छलनी कर दिया। इस तरह की एक घटना नहीं जिले में कई घटना घट चुकी है। अगर शराब माफिया के खिलाफ कोई मुंह खोला तो उन्हें जान गंवानी पड़ती है। सरकार शराब बंदी कानून को सख्ती से लागू करने के लिए क्या क्या जतन नहीं की है और आज भी कर रही है लेकिन पुलिस भी इन शराब माफियाओं के सामने फेल है। कोई ऐसा गांव या चौक चौराहा नहीं जहां शराब की होम डिलीवरी न होता हो। बड़े कारोबारी छोटे कारोबारियों को शराब महंगे कीमत पर बेचता है और ये छोटे कारोबारी ग्राहक से ऊंची कीमत पर होम डिलीवरी करता है।इस काम युवा निवालिक और महिलाएं भी शामिल है। शराब कारोबार से ये देखते हीं देखते करोड़पति बन गये हैं और जमीन माफिया को भी पीछे छोड़ दिया है। पुलिस को हर कुछ पता है लेकिन ये छोटे-छोटे कारोबारियों को तो पकड़ती है बड़े कारोबारी तक नहीं पहुंच पाती। बताया जा रहा है कि हर बड़े कारोबारी से पुलिस की सांठगांठ रहता है। कहा तो यहां तक जा रहा है कि पुलिस संरक्षण में हीं यह अवैध व्यापार फल फुल रहा है। इन व्यापारियों का कनेक्शन नीचे से लेकर उपर तक रहता है तभी तो बड़ी संख्या में शराब का खेप हर जगह आराम से पहुंच रहा है। शराब बंदी कानून को लेकर राजनीतिक दलों में भी बहस छीरी हुई है। जहरीली शराब पीकर सैकड़ों लोग हर साल जान गंवा चुके हैं और आज भी गंवा रहे हैं। बावजूद इसके न तो इस कानून को सख्ती से लागू किया जा रहा है और न शराब बंदी कानून में को बदलाव हो रहा है। धनौजा ग्राम निवासी हरिमोहन झा का घर में दबंग शराब माफिया ने उजार दिया है। गलति उनकी इतनी थी कि वे शराब माफिया के खिलाफ चोरी छीपे मुंह खोल दिया था जैसा कि वहां के लोग बताते हैं। इससे पहले भी जिले में इस तरह की घटनाएं घटी है जिसने मुंह खोला उसे या तो धमकी मिली है या नहीं तो गोली खानी पड़ी है। दो दिन गूजर गये लेकिन हरिमोहन झा के हत्यारे पुलिस गिरफ्त से बाहर है। पुलिस का दावा है कि गोली चलाने वाले अपराधियों को चिन्हित कर लिया गया है और शीघ्र ही गिरफ्तारी होगी लेकिन ऐसा कुछ अभी तक नहीं हो पाया है। धनौजा गांव में गिरफ्तारी नहीं होने से लोगों में गुस्सा तो है हीं बेनीपट्टी पुलिस की बिफलता की भी चर्चा लोग कर रहे हैं । बेनीपट्टी थाना क्षेत्र में इन दिनों लगातार आपराधिक घटनाएं हो रही है और पुलिस मूकदर्शक बनी हुई है। हरिमोहन झा की पत्नी पुत्र पुत्री और मां का रो-रो कर बुड़ा हाल है।

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