
रिपोर्ट : गौरव झा
ये गौरव मिश्रा जी हैं.मूल रूप से दरभंगा के मनिगाछी प्रखंड स्थित भटपुरा गांव के.उपलब्धि यह है कि सरकारी शिक्षक होने के साथ साथ बच्चों को मार्गदर्शन नाम का संचालन करते हुए अपने कोचिंग में मुफ्त शिक्षा देते हैं.इसके साथ ही अपने पिताजी की स्मृति पर प्रत्येक वर्ष एक प्रतियोगिता आयोजित कराते हैं,नाम रखा है “विलेज ओलंपियाड” इसके तहत टॉप के 3 बच्चों को क्रमश: 10 हजार,5000 और 2500 की प्रोत्साहन राशि के साथ-साथ साइकिल भी देते हैं.
*कैसे हुई शुरुआत*
गौरव पेशे से शिक्षक हैं,पिताजी भी शिक्षक थे.हालांकि कम उम्र में ही उनका देहांत हो गया, उस समय गौरव 12वीं में पढ़ाई कर रहे थे.पिता श्यामनाथ मिश्रा की इच्छा थी कि वो सामाजिक जीवन में अग्रणी भूमिका निभा सके.चूंकि उनका देहांत अल्पायु में हो गया,इसलिए उनके सपनों को पूर्ण करने की जिम्मेदारी गौरव ने उठाई.वह इस वर्ष से ग्रामीण परिवेश में रहने वाले छात्रों की खोज करते हैं.उन्हें पढ़ाते हैं और विलेज ओलंपिड नामक क्विज के लिए तैयार करते हैं.इसके बाद दो केटेगरी एक सीनियर वर्ग और एक जूनियर वर्ग में बच्चे चुने जाते हैं. एग्जाम के बाद नतीज़ा आता है और उसके टॉप 3 बच्चों को नतीजे के आधार पर प्रोत्साहन राशि और साइकिल प्रदान की जाती है.
*क्या है मूल उद्देश्य*
गौरव बातचीत के क्रम में बताते हैं कि शैक्षणिक योग्यता व्यक्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण है.एक शिक्षित व्यक्ति ही बच्चों के जीवन को बेहतर बना सकता है.इसलिए मेरी परिकल्पना है कि मैं समाज को ज्ञान दे सकूं ताकि वो बच्चे आगे आने वाली पीढ़ी में भी ज्ञानात्मक बीज का सृजन कर सके.इस परीक्षा के माध्यम से बच्चों को साइंस, मैथ, सोशल साइंस,हिंदी साहित्य और अंग्रेजी विषय के बारे में पूछे जाते हैं.जो जिस केटेगरी के होते हैं,क्वेश्चन का लेवल उससे अलग क्लास का होता है.मतलब यह कि 8वीं के बच्चे से 8वीं सहित 9वीं और 10वीं के सवाल भी पूछे जाते हैं.
ऐसा करने के पीछे का तात्पर्य यह है कि बच्चे अपने से सीनियर लेवल क्वेश्चन को भी आइडेंटिफाई कर सके.
*IITIANS बनाते हैं पेपर*
गौरव के मुताबिक उनके कई दोस्त आईआईटी पासआउट हैं.पेपर बनाने में उनका योगदान भी अहम होता है.इस क्विज की शुरुआत भले ही इस वर्ष हुई हो,लेकिन गौरव के मुताबिक इसका आयोजन वो हर वर्ष करना चाहते हैं.ताकि बच्चों में शिक्षा के प्रति अलख जगाया जाए.इस बार के क्विज में दरभंगा,मधुबनी समेत और जगहों के कुल 210 बच्चों ने भाग लिया था.फिलहाल इस वर्ष आयोजित एग्जाम के नतीजे बीते 21 जून को आए हैं,जिसमें
सीनियर वर्ग क्लास 8 से 10 तक में शिवम कुमार,कृष्ण कुमार मुखिया और अभिनव कुमार झा टॉपर बने हैं,वहीं जूनियर वर्ग वर्ग 1 से 8 तक में क्रमश: आदर्श कुमार झा,अमित कुमार राय एवं राजेंद्र गुप्ता को टॉपर का सम्मान मिला है.

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