1. पीएम ने पूर्णिया में घोषित किया राष्ट्रीय मखाना बोर्ड, 36–40 हजार करोड़ के विकास प्रोजेक्ट्स का भी ऐलान
2. मोदी का हमला- बोल: घुसपैठियों पर कार्रवाई होगी, कांग्रेस-राजद पर तीखी टिप्पणी
3. डबल-इंजन’ से महिला सशक्तिकरण का दावा; जीएसटी सुधार 22 सितंबर से लागू — पीएम मोदी पूर्णिया से
पूर्णिया (बिहार)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को पूर्णिया में आयोजित सभा में सीमांचल वासी को बड़ी सौगात देते हुए राष्ट्रीय मखाना बोर्ड की स्थापना की घोषणा की। उन्होंने कहा कि मखाना और बिहार का गहरा नाता रहा है तथा मखाना बोर्ड से यहाँ के किसानों और उत्पादकों को लाभ मिलेगा। इस मौके पर उन्होंने पूर्णिया एयरपोर्ट का उद्घाटन तथा राज्य के विकास से जुड़े कई बड़े प्रोजेक्ट्स का एलान भी किया।
पीएम मोदी ने सभा के दौरान कहा कि कांग्रेस और राजद बीते दो दशकों में बिहार की सत्ता से बाहर रहे और राज्य की महिलाओं की हालत पहले खराब रही। वर्तमान में दोगुनी-इंजन सरकार से महिलाओं के सशक्त बनने का उदाहरण देते हुए उन्होंने ‘लखपति दीदी’, ‘ड्रोन दीदी’ और ‘जीविका दीदी’ जैसे सकारात्मक बदले हुए स्वरूपों का जिक्र किया। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि राजद-कांग्रेस सिर्फ परिवार के हित में लगे हुए हैं और जनता का भला नहीं करेंगे।
प्रधानमंत्री ने आगामी त्योहारों का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार ने गरीबों के लिये बड़े उपहार दिए हैं और साथ ही जीएसटी में बदलाव/रियायतें लागू करने का संकेत देते हुए बताया कि 22 सितंबर से जीएसटी में कमी/रिफॉर्म के कुछ फैसले लागू होंगी — यह कदम छोटे कारोबारियों और आम लोगों के हित में बताया गया। (केन्द्रीय घोषणाओं और जीएसटी परिषद की हालिया सूची के अनुसार 22 सितंबर को कुछ रेट-रैशनलाइजेशन/रिफॉर्म लागू होने की सूचना है)।
एक बड़े और विवादित बिंदु पर मोदी ने कहा कि सीमांचल और पूर्वी भारत में घुसपैठियों के कारण डेमोग्राफिक संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने ‘डेमोग्राफ़ी मिशन’ का हवाला देते हुए कहा कि जो भी घुसपैठिया हैं, उन्हें हटाया जाएगा और इस मुद्दे पर कार्रवाई एनडीए-सरकार की प्राथमिकता रहेगी। साथ ही उन्होंने उन दलों पर तीखा प्रहार किया जो, उनके शब्दों में, घुसपैठियों की “वकालत” कर रहे हैं।
मोदी ने रैलियों और भाषणों के माध्यम से यह भी रेखांकित किया कि बिहार का विकास कुछ दलों को स्वीकार्य नहीं है और कुछ भ्रष्टाचार-कहानियों का हवाला देते हुए विपक्ष पर तीखे सवाल उठाए। उनका तर्क रहा कि कांग्रेस-राजद का रवैया बिहार के विकास के लिये हानिकारक रहा है और वर्तमान विकास मॉडल का विरोध करने वाले विकल्प बिहार की प्रगति को रोकने की कोशिश कर रहे हैं।
स्थानीय और राष्ट्रीय विश्लेषणकारों के अनुसार पूर्णिया और सीमांचल की राजनीतिक संवेदनशीलता (धार्मिक-जातीय समावेशन, विकास-विषयक मुद्दे और दावों के कारण) के चलते पीएम की यह रैली चुनावी दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इन घोषणाओं मखाना बोर्ड, एयरपोर्ट उद्घाटन और परियोजना-पैकेज को बीहड़ चुनावी संदेश के साथ जोड़ा जा रहा है।

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