नवराष्ट्र मीडिया ब्यूरो
पटना : जिला बाल संरक्षण इकाई, पटना के तत्वावधान में संचालित विशिष्ट दत्तकग्रहण संस्थान में आवासित 02 (दो) बच्चों को जिला पदाधिकारी, पटना डॉ. चन्द्रशेखर सिंह द्वारा आज दत्तक ग्रहण में दिया गया।
दत्तक ग्रहण की समस्त प्रक्रिया पूर्ण करने के उपरांत सहायक निदेशक, जिला बाल संरक्षण इकाई के द्वारा आज विशिष्ट दत्तक ग्रहण संस्थान में पल रहे एक बालक को मुजफ्फरपुर के दंपत्ति को गोद दिया गया तथा SAA CCI लिंकेज के तहत सूर्योदय बाल गृह में आवासित बालक को केरला के दंपत्ति को गोद दिया गया । SAA CCI लिंकेज के तहत छः वर्ष से अधिक बालकों के दत्तकग्रहण का पटना में यह 05 वाँ मामला है । इसके पूर्व जिला पदाधिकारी के समक्ष दत्तक ग्रहण वाद के इस वाद को सुनवाई के लिए रखा गया । कारा के द्वारा अनापत्ति प्रमाण पत्र प्रदान करने तथा जिला पदाधिकारी के द्वारा गोद दिये जाने के निर्णय के उपरांत आज बच्चे को उसके दत्तक ग्राही माता पिता को सौप दिया गया ।
दत्तक ग्रहण की यह है प्रक्रिया
दत्तक ग्रहण की समस्त प्रक्रिया ऑनलाइन है । कोई दत्तक ग्राही माता पिता केंद्रीय दत्तक ग्रहण प्राधिकरण (CARA) के पोर्टल पंजीकरण कर गोद लेने की प्रक्रिया में सम्मिलित हो सकते हैं । इसके लिए एक फोन नंबर, पैन कार्ड तथा ई मेल आईडी की आवश्यकता होती है । इसके उपरांत नजदीकी विशिष्ट दत्तक ग्रहण संस्थान द्वारा दत्तक ग्राही माता पिता का होम स्टडी रिपोर्ट तैयार किया जाता है । इस पोर्टल पर दत्तक ग्राही माता पिता अपनी एलिजिबिलिटी चेक कर सकते हैं । इस वेबसाइट के अतिरिक्त किसी व्यक्ति, अस्पताल अथवा नर्सिंग होम से बच्चा गोद लेना गैर कानूनी है । जिला अंतर्गत गोद लेने हेतु विशिष्ट दत्तक ग्रहण संस्थान अथवा जिला बाल संरक्षण इकाई से संपर्क किया जा सकता है। किसी परित्यज बच्चे के प्राप्त होने के उपरांत बच्चे को 24 घंटे के अंदर बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत करने तथा कारा के वेबसाइट पर 24 घंटे के अंदर पंजीकरण करने का प्रावधान है । इसके उपरांत बच्चे का विज्ञापन प्रकाशित कर कोई दावेदार नहीं होने की स्थिति में बाल कल्याण समिति द्वारा कानूनी रूप से दत्तक ग्रहण हेतु मुक्त करने का प्रावधान है । बच्चे की दंपत्ति के साथ ऑनलाइन मैचिंग, एडोप्शन कमिटी की बैठक तथा जिला पदाधिकारी के समक्ष दत्तक ग्रहण संस्थान की ओर से वाद दायर करने का प्रावधान है । जिलाधिकारी के द्वारा लिए गए निर्णय के उपरांत गोद देने की कार्रवाई पूर्ण होती है। माता पिता के द्वारा बच्चा प्राप्त करने के उपरांत दो साल तक नजदीकी विशिष्ट दत्तक ग्रहण संस्थान द्वारा फॉलो अप किया जाता है। बच्चे को दत्तक ग्रहण में देते समय सहायक निदेशक, जिला बाल संरक्षण इकाई के अतिरिक्त समन्वयक विशिष्ट दत्तक ग्रहण संस्थान तथा अन्य कर्मी उपस्थित थे। बच्चों को गोद लेने के उपरांत दत्तक ग्राही माता पिता के खुशी का ठिकाना नहीं था ।
कब्रिस्तान गोरहट्टा का वर्तमान में इसाई मृतकों के शवों हेतु किए जा रहे उपयोग पर प्नशासन ने दी अनापत्ति
जिला प्रशासन, पटना द्वारा अशोक राजपथ से सटे इसाई कब्रिस्तान (स्थानीय नाम सब्जीबाग कब्रिस्तान) एवं पटना सिटी स्थित इसाई कब्रिस्तान गोरहट्टा का वर्तमान में इसाई मृतकों के शवों हेतु किए जा रहे उपयोग पर अनापत्ति प्रदान की गई है।
वर्ष 1875 में तत्कालीन ज़िलाधिकारी द्वारा इसाई कब्रिस्तान के भर जाने के कारण मृतकों के शवों के लिए उपयोग पर रोक लगायी गयी थी।
जिला पदाधिकारी, पटना द्वारा अनुमंडल पदाधिकारी, पटना सदर एवं पटना सिटी से प्राप्त अद्यतन स्थलीय जाँच प्रतिवेदन के आलोक में उपर्युक्त अनापत्ति प्रदान की गई है। इस आशय का पत्र श्री एस.के. लॉरेंस, महासचिव, इंटरनेशनल ह्यूमन राईट्स काउंसिल, मायनरिटी डिपार्टमेंट को भेज दिया गया है।
अशोक राजपथ से सटे इसाई कब्रिस्तान (स्थानीय नाम सब्जीबाग कब्रिस्तान) अभी तक बंद था। पटना कब्रिस्तान समिति के सचिव फादर जेम्स जॉर्ज ने बताया कि जनवरी, 2024 से इसाई समुदाय अपने मृतकों को कब्रिस्तान में दफनाना शुरू कर सकते हैं। जिला प्रशासन के इस फैसले का इसाई समुदाय ने दिल से स्वागत किया है।

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