
मुंबई | महाराष्ट्र में आज शाम तक मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे समेत कुल 40 बागी शिवसेना विधायको का भाग्य का फैसला होना है। विधानसभा स्पीकर राहुल नार्वेकर शिवसेना विधायकों की अयोग्यता से जुड़े मामले में अपना फैसला सुनाएंगे। इसे लेकर महाराष्ट्र में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भरोसा जताया है कि राज्य में एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में चल रही सरकार स्थिर रहेगी।
उधर, शिवसेना (यूबीटी) नेता उद्धव ठाकरे ने कहा कि उनकी पार्टी ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा देकर शिवसेना विधायकों की अयोग्यता संबंधी याचिका पर फैसले से पहले महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और विधानसभा स्पीकर राहुल नार्वेकर के बीच हुई बैठक पर आपत्ति जताई है। इसके बाद ठाकरे और नार्वेकर के बीच आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गए।
उद्धव ठाकरे ने बांद्रा स्थित अपने आवास ‘मातोश्री’ में संवाददाताओं से बातचीत में कहा की अगर न्यायाधीश (नार्वेकर) आरोपी से मिलने जाते हैं, तो हमें न्यायाधीश से क्या उम्मीद करनी चाहिये।
वहीं, उद्धव ठाकरे के सहयोगी और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के संस्थापक शरद पवार ने भी कहा कि जब किसी मामले की सुनवाई कर रहा कोई व्यक्ति उस व्यक्ति से मिलता है, जिसके खिलाफ मामले की सुनवाई हो रही है, तो इससे संदेह पैदा होता ही है।
इसे लेकर पलटवार करते हुए विधानसभा स्पीकर नार्वेकर ने कहा कि ठाकरे को पता होना चाहिए कि स्पीकर किस उद्देश्य से मुख्यमंत्री से मिल सकता है। नार्वेकर ने तर्क दिया कि अगर वह अब भी ऐसे आरोप लगाते हैं तो उनका मकसद बहुत स्पष्ट है। ऐसा कोई नियम नहीं है कि अयोग्यता याचिकाओं पर सुनवाई करते समय विधानसभा स्पीकर कोई अन्य काम नहीं कर सकता है। बता दें कि स्पीकर ने रविवार को मुख्यमंत्री के आधिकारिक आवास ‘वर्षा’ में एकनाथ शिंदे से मुलाकात की थी। ठाकरे ने कहा कि दोनों की मुलाकात पिछले साल अक्टूबर में भी हुई थी।
शिवसेना (यूबीटी) नेता ने कहा कि नार्वेकर का फैसला यह तय करेगा कि ‘देश में लोकतंत्र मौजूद है या नहीं’ या क्या दोनों (विधानसभा स्पीकर एवं मुख्यमंत्री) लोकतंत्र की ‘हत्या’ करेंगे। ठाकरे ने कहा कि हमने एक हलफनामा दाखिल कर पूछा है कि क्या न्यायाधीश और आरोपियों के बीच मिलीभगत है। उन्होंने पूछा कि क्या विधानसभा स्पीकर फैसला करने में और देरी करेंगे।उद्धव ठाकरे ने कहा कि विधानसभा स्पीकर कभी मुख्यमंत्री से मिलने नहीं जाते हैं। शिवसेना में विभाजन के बाद ठाकरे को जून 2022 में मुख्यमंत्री पद से हटना पड़ा था। उन्होंने कहा कि विधानसभा स्पीकर मुख्यमंत्री को मिलने के लिये बुलाते हैं, खुद नहीं जाते। ठाकरे ने कहा कि चूंकि सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल मई में नार्वेकर को अयोग्यता याचिकाओं पर निर्णय करने का निर्देश दिया था, इसलिए स्पीकर ने मुख्यमंत्री से दो बार मुलाकात की।

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