
मोतीहारी | शहर के एलएनडी महाविधालय के जन्तु विज्ञान विभाग के सहायक प्राध्यापक एवं बिहार के चर्चित वन्यजीव विशेषज्ञ डॉ. नीरज कुमार को वित विभाग एवं पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, पटना द्वारा वित मंत्री विजय कुमार चौधरी की अध्यक्षता में पुराना सचिवालय स्थित सभागार में होने वाली वित्तीय वर्ष 2024-2025 के बजट पूर्व बैठक में वन्यजीव विशेषज्ञ (वाइल्डलाइफ एक्सपर्ट) के रूप में वन्यजीव संरक्षण, डॉल्फिन संरक्षण एवं पक्षी संरक्षण हेतु विचार विमर्श एवं सुझाव के लिए आमंत्रित किया गया। जिसमें डॉ. नीरज भाग लिए। अपना बहुमूल्य सुझाव वित मंत्री विजय कुमार चौधरी, मुख्य सचिव पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग वंदना प्रेयसी, प्रधान मुख्य वन संरक्षक आशुतोष, बिहार पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के चेयरमैन एवं अन्य गणमान्य पदाधिकारियों को दिए। इस दौरान डॉ. नीरज कुमार ने निम्नलिखित बिंदुओं पर मंत्री एवं अन्य पदाधिकारियों का ध्यान आकृष्ट कराया।
जल प्रदूषण- पूर्वी चंपारण में बहने वाली 80 किलोमीटर लम्बी धनौती नदी को पूर्वी चंपारण की जीवनरेखा का दर्जा प्राप्त है, क्योंकि यह नदी चंपारण के सबसे वंचित समुदाय को आजीविका उपलब्ध कराती है। यह नदी पूर्वी चंपारण के हजारों लोगों के लिए मत्स्य पालन के रूप में जीविकोपार्जन का एक महत्वपूर्ण स्रोत है। हाल ही में धनौती नदी को तृतीय राष्ट्रीय जल पुरस्कार 2020 पुरस्कार से नवाजा गया था। पूर्वी जोन में सर्वश्रेष्ठ जिला का सम्मान मिला था। धनौती नदी को यह सम्मान उसके कायाकल्प के लिए मिला था। इस नदी के मात्र 2 किलोमीटर लंबे स्ट्रेच पर ही काम हुआ था। 80 किलोमीटर लम्बी यह नदी मोतिहारी शहर के बीचोबीच होकर बहती है। वर्तमान में मोतिहारी के रघुनाथपुर से बरियारपुर और उसके आगे तक यह नदी एक बदबूदार एवं गन्दगी से बजबजाती नाले के रूप में परिवर्तित हो चुकी है। इस नदी के दोनों किनारे भू माफियाओं के मिलीभगत से नदी के जमीन में अवैध पक्के मकान बन गए हैं। यह नदी कभी सालों भर स्वादिष्ट ताज़ी मछलियों का स्रोत था, लेकिन अब इसके आश्रित मछुआरे जीविकोपार्जन के लिए पलायन को विवश हो गए हैं। पूरे बिहार में बहने वाली छोटी-बड़ी नदियों एवं अन्य जल स्रोतों का कमोबेस यही दशा है। हालाकि इन्हे पुनर्जीवित करने का काम सरकार द्वारा किया जा रहा है।
वायु प्रदूषण- वर्तमान में बिहार के कई छोटे-बड़े शहरों का Air Quality Index (वायु गुणवत्ता सूचकांक) काफी ज्यादा पाया जा रहा है। मोतीहारी जैसे छोटे शहर का भी AQI 300 के पार चला जाता है। आज (25.12.2023) मोतिहारी शहर का सुबह 7 बजे का AQI 292 था, जो मानव स्वास्थ्य एवं पर्यावरण के लिए खतरनाक श्रेणी में आता है। पार्टिकुलेट मैटर 2.5, पार्टिकुलेट मैटर 10 और नाइट्रस ऑक्साइड सामान्य से काफी ज्यादा था। मोतिहारी शहर में कोई बड़ा उद्योग भी नही है फिर भी यहां की AQI ज्यादा दर्ज की जाती है। यह एक चिंतनीय एवं गंभीर विषय है। वायु प्रदूषण के कारणों से यहां उपस्थित सभी व्यक्ति भलीभांति परिचित हैं। डॉ. नीरज ने उन्हें सूचित किया की मोतिहारी सहित कई अन्य शहरी क्षेत्रों में देखा है कि बाजार में स्थित दुकान वाले प्रतिदिन एकत्रित किए गए प्लास्टिक वेस्ट को सुबह और शाम में जला देते है। जबकि 18 जून 2021 से ही बिहार में प्लास्टिक का उत्पादन, आयात, स्टोरेज, वितरण, उपयोग और बिक्री पूर्ण रूप से निषेध है।प्लास्टिक एवं सिंगल यूज प्लास्टिक अभी भी धड़ल्ले से हर जगह प्रयोग किया जा रहा है।
ध्वनि प्रदूषण- वर्तमान परिदृश्य में ध्वनि प्रदूषण एक साइलेंट किलर के रूप में मनुष्यों एवं वन्यजीव को प्रभावित कर रहा है। इससे सबसे ज्यादा नवजात शिशु, छोटे बच्चे, बूढ़े व्यक्ति, हृदय एवं मानसिक रोगी और वन्यजीव प्रभावित होते हैं। शहरों में ध्वनि प्रदूषण का कारण वाहनों द्वारा हॉर्न बजाना, प्रचार गाड़ी पर लाउडस्पीकर का प्रयोग करना (खास कर प्राइवेट स्कूल, कोचिंग संस्थान), डीजे बजाना इत्यादि है। मोतीहारी सहित बिहार के शहरी क्षेत्रों में सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक बड़े व्यावसायिक वाहनों यथा ट्रक का परिचालन निषेध रहता है। फिर भी मोतीहारी में सुबह से लेकर रात तक और कभी-कभी कही- कहीं रातभर शहर के मुख्य पथों के किनारे ट्रक से गिट्टी-कंक्रीट एवं बालू को ट्रैफिक नियम का उल्लंघन करते हुए उसे ट्रैक्टर पर लादा जाता है तथा दूसरे स्थानों पर भेजा जाता है। इससे कई बार रोड पर दुर्घटना घटते रहता है, इससे ध्वनि प्रदूषण होता है साथ ही साथ कंक्रीट / गिट्टी को ट्रैक्टर पर लादते समय उस क्षेत्र में पार्टिकुलेट मैटर के कारण वायु की गुणवत्ता भी अत्यंत खराब हो जाती है, जिसका बुरा प्रभाव मानव एवं वन्यजीवों पर पड़ता है।

पादप संरक्षण- शहरों में मुख्य पथों के किनारे अनेकों पुराने एवं सूखे वृक्ष हैं, जिनके अचानक गिरने से कई लोगों की मृत्यु हो चुकी है। इन वृक्षों के गिरने और जानमाल के नुकसान का खतरा हमेशा बना रहता है। वन विभाग को इसपर आवश्यक कदम उठाना चाहिए। उन पुराने वृक्षों को नियमानुसार कटवाकर नीलाम कर देने से विभाग को राजस्व शुल्क की भी प्राप्ति हो सकती है। पुनः उन वृक्षों के स्थान पर नए वृक्ष लगा कर उनका बड़े होने तक संरक्षण भी होना चाहिए।
वन्य जीव संरक्षण- हाल ही में वाल्मीकीनगर (वीटीआर) के आसपास गंडक की एक सहायक नदी में जहर डाल कर मछली मारने की घटना सामने आई है। यह न केवल मछलियों के लिए बल्कि अन्य जलीय जंतुओं यथा गंडक के घड़ियाल, मगरमच्छ, कछुआ, पक्षियों एवं अन्य प्राणियों के लिए भी खतरनाक है। पूर्वी चंपारण के सरोतर झील के अलावे अन्य वेटलैंड्स में भी प्रवासी पक्षियों का अवैध शिकार अभी भी धड़ल्ले से चल रहा है। इसके लिए लोगो को जागरूक करना अत्यंत आवश्यक है। इसके लिए एनजीओ को भी फंड उपलब्ध कराया जा सकता है।
प्रतिदिन बिहार के लगभग सभी नेशनल एवं स्टेट हाईवे पर तेज रफ्तार गाडियों के चपेट में आने से कुचलकर बहुमूल्य लोकल वन्यजीव मर रहे हैं। इसमें ज्यादातर एंफीबियंस, रेप्टाइल्स (अधिकांशतः सर्प की विभिन्न प्रजातियां), छोटे स्तनधारी शिकार बनते हैं। इसके लिए नेशनल हाईवे/स्टेट हाईवे पर जागरूकता के लिए जगह-जगह साइन बोर्ड लगाना जरूरी है, जैसाकि वाल्मीकि टाइगर रिजर्व में लगाया गया है। इसके अलावे मोरपंख की धड़ल्ले से अवैध बिक्री पर रोक लगाने एवं जागरूकता बढ़ाने, शहरो में पक्षियों की अवैध बिक्री (Pet Trade) पर रोक लगाने, सर्पदंश से बचाव के लिए लोगों को जागरूक करने के लिए एनजीओ इत्यादि को फंड उपलब्ध कराना, हॉस्पिटल्स में प्रचुर मात्रा में एंटी स्नेक वेनम उपलब्ध कराने संबंधित सुझाव भी दिए। डॉ. नीरज ने पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के मुख्य सचिव और पी.सी.सी.एफ. महोदय से वार्षिक एशियन वाटरबर्ड सेंसस के लिए अलग से बजट निर्धारित करने के लिए भी आग्रह किया।

विकास से ज्यादा सता रही विरासत की चिंता, मधुबनी बना वंशवाद का गढ़
बिहार चुनाव में प्रचार अभियान तेज…जननायक कर्पूरी ठाकुर की धरती से पीएम की शुरुआत
विकास या बदलाव क्या चुनेगी जनता…! झंझारपुर विधानसभा सीट पर पारिवारिक साख की परीक्षा
मधुबनी में युवा मतदाताओं के साथ जिला पदाधिकारी आनंद शर्मा का संवाद, कहा — “लोकतंत्र की असली ताकत युवाओं में है”
जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने कई डिस्पैच सेंटरों का किया निरीक्षण, दिए आवश्यक दिशा-निर्देश
रहिका में विधानसभा चुनाव को लेकर पुलिस ने निकाला फ्लैग मार्च, क्षेत्र में शांति व सुरक्षा का भरोसा दिलाया