
मधुबनी | जिला के पंडौल प्रखंड के बिठ्ठो गांव में मंगलवार को साहित्यिक कृति समर्पण कार्यक्रम आयोजित हुई। कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति डा शशिनाथ झा ने सोलहवीं शताब्दी के विद्वान की साहित्यिक विरासत दर्शनग्रन्थ का प्रकाशन करवाया। विशिष्ट रचना की सम्पादन कार्य विद्यावाचस्पति डा किशोर नाथ झा ने किया है।
कुलपति डा शशिनाथ झा ने बताया कि महामहोपाध्याय वामदेव का दर्शन ग्रन्थ सोलहवीं शताब्दी में भारतीय वांग्मय की अप्रतिम रचना मान्य है। कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय की विद्वत परिषद में इस विशिष्ट रचना की पुर्नप्रकाशन की निर्णय हुआ।
पुस्तक प्रकाशित होने के पश्चात मंगलवार को कुलपति डा शशिनाथ झा ने स्वयं पुस्तक समर्पित किया। सम्पादक डा किशोर नाथ झा को उनके पैत्रिक आवास सरिसब पाही बिठ्ठो में दर्शनग्रन्थ की प्रति भेंट किया।

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