– भैरवस्थान थाना क्षेत्र के झौआ गांव की है घटना,गांव में मचा कोहराम
– आम तोड़ने को लेकर 5 दिन पहले हुआ था विवाद, देर रात गुजरात से घर पहुंचा था हत्यारा उसका पिता
– मामले के छानबीन में जुटी पुलिस जल्द गिरफ्तार करने का किया दावा, छापेमारी जारी
झंझारपुर
आम तोड़ने के विवाद में चचेरे भाई ने अपने माता पिता के साथ मिलकर चचेरे भाई और चाची को कुदाल से काट कर मौत के घाट उतार दिया। मौत की सूचना मिलते ही गांव में कोहराम मच गया।देखते ही देखते घटना स्थल पर लोगों की भारी भीड़ इकट्ठा हो गई। भैरवस्थान थाना क्षेत्र के काको पंचायत अंतर्गत झौआ गांव की घटना है। खुनी संघर्ष में मुन्नर यादव के 20 वर्षीय पुत्र विजय यादव का घटना स्थल पर मौत हो गई जबकि उसके मां 45 वर्षीय सोनी की इलाज के लिए झंझारपुर अनुमंडल अस्पताल ले जाने के क्रम में रास्ते में ही दम तोड़ दी।अस्पताल के चिकित्सक ने देखते ही मृत घोषित कर दिया।
मौत की सूचना मिलते ही घटनास्थल पर पहुंची भैरवस्थान थाना पुलिस ने हत्यारोपी सुन्नर यादव को गिरफ्तार कर लिया वहीं उसके बेटा और माता फरार चल रहा है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल मधुबनी भेज दिया है।

क्या है मौत का कारण?
ग्रामीणों ने बताया कि आम के विवाद को लेकर घटना घटी है। जमीन बंटवारे में जमीन हत्यारा सरोज यादव के हिस्से में पडा़ है तो वहीं आम का पेड़ मृतक विजय यादव के हिस्से में पडा़ है। चार-पांच दिन पहले विजय यादव आम तोड़कर लाया था जिस कारण विवाद भी हुआ था। इसी बात पर सरोज यादव और उसके पिता सुंदर यादव गुजरात से देर रात अपने घर पहुंचे और आज माता-पिता के साथ मिलकर मां बेटा को कुदाल से काटकर मौत के घाट उतार दिया।
झंझारपुर डीएसपी पवन कुमार घटना स्थल पर पहुंच कर ग्रामीणों से पूछताछ किया और आश्वासन दिया कि जल्दी फरार चल रहे हत्यारोपी के मां बेटा को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
बताते चले कि जमीनी विवाद में लगातार हो रहे हत्या से लोग डरे हुए हैं और सहमे हुए हैं यदि सरकार की ओर से ठोस पहल नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में और भी हत्या के मामले सामने आएंगे।
बीते कुछ माह के अन्दर मधुबनी जिले में दर्जनों लोगों की हत्या जमीनी विवाद में हो चुकी है। मधुबनी एसपी सुशील कुमार घटना के उद्भेदन के बाद पत्रकारों को बुला कर अपना पीठ खूब थपथपाते हैं। लेकिन घटना को रोकने में इनकी पुलिस बिफल साबित हो रही है। यहां एक तरफ भू माफिया का बोलबाला है तो दूसरी ओर अपराधी सरेयाम घटना को अंजाम दे रहा है। पुलिस की कार्यशैली से लोग हतप्रभ हैं। कोई दिन ऐसा नहीं गुजरता कि जिस दिन एक या दो बड़ी घटनाएं जिले में नहीं घटती। मधुबनी जिला जो सूबे का सबसे शांत जिला माना जाता था वहां इस तरह की घटनाओं से लोग भयभीत दिख रहे हैं। इसे पुलिस की नाकामी नहीं कहेंगे तो और क्या कहेंगे।

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