सीमावर्ती क्षेत्रों के लिए बुड़ी ख़बर। फिर अधर में लटक गया लौकहा झंझारपुर रेल खंड पर रेल परिचालन। आज 17 सितंबर विश्वकर्मा पूजा के दिन दस वर्षों बाद रेल परिचालन शुरू होना था लेकिन जगह जगह विवाद खड़ा हो जाने के कारण समारोह को हीं रेल प्रशासन द्वारा स्थगित कर दिया गया। इस खबर से लौकहा झंझारपुर रेल खंड के आसपास रहने वाले लोगों में जो आश जगी थी एक बार फिर पानी फिर गया। लोकहा बाजार स्टेशन पर रेल परिचालन शुरू करने के लिए जो समारोह की तैयारी की गई थी उसे स्थगित कर दिया गया है। इस स्थगन का कोई सटीक कारण तो नहीं बताया गया है लेकिन रेल प्रमंडल समस्तीपुर के सीपीआरओ सरस्वती चन्द्र इसे मात्र अपरिहार्य कारण बता कर पल्ला झाड़ लिया है। उन्होंने कहा है कि दस दिनों के अन्दर इस रेल खंड पर दो जोड़ी गाड़ी चलने लगेगी । कब और किस तारीख से ट्रेन चलेगी इसकी कोई जानकारी रेल प्रशासन द्वारा नहीं दी गई है। क्या है इस समारोह को स्थगित कर देने का कारण जिसे रेल प्रशासन छुपा रहा है। लौकहा झंझारपुर रेल मार्ग पर दो से तीन जगह समपार फाटक निर्माण को लेकर स्थानीय ग्रामीणों ने जोरदार प्रदर्शन किया है। कुछ जगहों पर गांव वालों के रास्ते बंद कर देने को लेकर विरोध प्रदर्शन हो रहा है। सबसे पहले अंधराठाढ़ी प्रखंड के कर्णपुर पंचायत के महादलित बस्ती के लोगों ने समफाटक बनाने को लेकर विरोध जताया। दुसरा विरोध बरहारा हाल्ट के आस पास के ग्रामीणों द्वारा किया जा रहा है। यहां रेलवे द्वारा रास्ता बंद कर दिए जाने के कारण रेलवे प्रशासन को ग्रामीणों का विरोध झेलना पड़ रहा है। जानकार बताते हैं कि इसी विरोध के कारण रेलवे ने उद्घाटन समारोह को रद्द कर दिया है। हालांकि रेलवे इस विरोध के कारण उद्घाटन समारोह को स्थगित होना सही नहीं बता रहा है लेकिन लोग इस विरोध को हीं बड़ा कारण मान रहे हैं। कारण जो भी हो लेकिन इस उद्घाटन समारोह के स्थगित होने से आम लोगों में निराशा है। भारत नेपाल को जोड़ने के लिए झंझारपुर लौकहा रेल मार्ग ही सबसे सूगम रास्ता है। इस मार्ग से जाने पर नेपाल की दूरी भी बहुत कम है। पिछले दस वर्षों से लोग सड़क मार्ग से चलकर भारी रकम चुकाते आ रहे हैं। इस रेल मार्ग पर ट्रेन चलने से लोगों का जो पैसा अपव्यय हो रहा है उसे बचाने की आश पर फिर एक बार पानी फिर गया है। लौकहा बाजार स्टेशन पर उद्घाटन समारोह की सारी तैयारी पूरी कर ली गई थी स्टेशन और ट्रेन को दुल्हन की तरह सजा दिया गया था 9 बजे सुबह ट्रेन का परिचालन शुरू होता इससे चंद घंटे पहले कार्यक्रम स्थगित करने की सूचना से लोग एक बार फिर निराश हो गए। बस इंतजार करते रहिए कब ललित बाबू जिन्होंने इस रेल खंड का निर्माण चंद महिनों में कराया था का सपना साकार होगा।

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