राज्यभर के स्वच्छता पर्यवेक्षक पिछले कई दिनों से अपनी समस्याओं और मांगों को लेकर हड़ताल पर बैठे हुए हैं। स्वच्छता व्यवस्था को जमीनी स्तर पर मजबूती देने वाले ये पर्यवेक्षक अब सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतर आए हैं। उनका कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं की जातीं, वे आंदोलन जारी रखेंगे।
स्वच्छता पर्यवेक्षकों ने आरोप लगाया है कि सरकार लगातार उनकी अनदेखी कर रही है। अंशकालिक पद पर कार्यरत होने के बावजूद उनसे पूर्णकालिक काम लिया जाता है, लेकिन उसके अनुरूप मानदेय और सुविधाएं नहीं दी जातीं। उन्होंने कहा कि समय पर मानदेय न मिलने से उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
नीतिश कुमार कार्यालय का घेराव
इसी क्रम में हड़ताल कर रहे स्वच्छता पर्यवेक्षक आज पटना में मुख्यमंत्री नीतिश कुमार के कार्यालय का घेराव करने पहुंचे। हजारों की संख्या में जुटे प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी करते हुए सरकार से शीघ्र निर्णय लेने की मांग की। उनका कहना है कि वर्षों से वे स्वच्छता व्यवस्था को दुरुस्त करने में लगे हैं, लेकिन सरकार उनकी मेहनत और योगदान का सम्मान नहीं कर रही है।
पर्यवेक्षकों की आठ सूत्री मांगें
हड़ताल कर रहे स्वच्छता पर्यवेक्षकों ने आठ सूत्री मांगों को सार्वजनिक किया है—
- स्वच्छता पर्यवेक्षकों को अंशकालिक से पूर्णकालिक पद पर परिवर्तित किया जाए।
- जिन स्वच्छता पर्यवेक्षकों को संविदा से हटाया गया है, उन्हें संविदा पर पुनः बहाल किया जाए।
- पंचायती राज विभाग द्वारा निर्गत आदेश के अनुसार ₹20,000 मानदेय लागू किया जाए।
- सभी बकाया मानदेय का तत्काल भुगतान किया जाए।
- सेवाकाल को बिना शर्त 60 वर्ष तक सुनिश्चित किया जाए।
- स्वच्छता पर्यवेक्षकों को EPF का लाभ दिया जाए, अतिरिक्त कार्य पर अतिरिक्त भत्ता मिले तथा विभागीय कार्यों के अलावा अन्य कार्यों के लिए प्रतिनियुक्ति न किया जाए।
- स्वच्छता कर्मियों का न्यूनतम मानदेय ₹10,000 प्रति माह तय किया जाए।
- कार्यकाल के दौरान मृत्यु होने पर आकस्मिक मृत्यु लाभ मिले और मृतक के परिवार के एक सदस्य को उसी पद पर नियुक्त किया जाए।
सरकार पर दबाव बढ़ा
हड़ताल और कार्यालय घेराव के कारण सरकार पर दबाव बढ़ता जा रहा है। पर्यवेक्षकों का कहना है कि उनकी मांगें पूरी तरह वाजिब हैं और इन्हें पूरा करना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो वे प्रदेशव्यापी आंदोलन छेड़ देंगे।

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