मधुबनी, 31 अगस्त।
भारत में हर दिन किसी न किसी पर्व, व्रत या उत्सव से जुड़ा होता है। इसी कड़ी में सितंबर 2025 का महीना धार्मिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण रहने वाला है। इस महीने जहां पितरों की शांति के लिए पितृपक्ष का आयोजन होगा, वहीं देवी दुर्गा की आराधना के लिए शारदीय नवरात्रि का शुभारंभ भी होगा।
🔸 पितृपक्ष 08 सितंबर से 21 सितंबर तक रहेगा।
🔸 नवरात्रि 22 सितंबर से शुरू होकर 30 सितंबर तक मनाई जाएगी।
🔸 इसी महीने गणपति विसर्जन, अनंत चतुर्दशी, महालक्ष्मी व्रत, विश्वकर्मा पूजा और सरस्वती पूजा जैसे पर्व भी मनाए जाएंगे।
सितंबर 2025 के प्रमुख पर्व और तिथियां
- 01 सितंबर – ज्येष्ठ गौरी पूजा
- 03 सितंबर – परिवर्तिनी एकादशी, वामन जयंती
- 05 सितंबर – ओणम, शुक्र प्रदोष व्रत
- 06 सितंबर – गणेश विसर्जन, अनंत चतुर्दशी
- 07 सितंबर – चंद्रग्रहण, भाद्रपद पूर्णिमा
- 08 से 21 सितंबर – पितृपक्ष (श्राद्ध पक्ष)
- 14 सितंबर – महालक्ष्मी व्रत पूर्ण, जीवित्पुत्रिका व्रत, कालाष्टमी
- 17 सितंबर – इंदिरा एकादशी, विश्वकर्मा पूजा, कन्या संक्रांति
- 21 सितंबर – सर्वपितृ अमावस्या
- 22 सितंबर – शारदीय नवरात्रि प्रारंभ, कलश स्थापना, सूर्यग्रहण, महाराजा अग्रसेन जयंती
- 25 सितंबर – विनायक चतुर्थी
- 26 सितंबर – उपांग ललिता व्रत
- 29 सितंबर – सरस्वती आवाहन, नवपत्रिका पूजन
- 30 सितंबर – दुर्गा अष्टमी, सरस्वती पूजा
धार्मिक दृष्टि से खास महीना
सितंबर 2025 का महीना एक ओर पितृ तर्पण और श्राद्ध का अवसर देगा, वहीं दूसरी ओर शक्ति साधना और देवी आराधना का पर्व भी लेकर आएगा। भक्तगण पितरों की शांति के लिए आस्था के साथ श्राद्ध कर्म करेंगे और उसके बाद घर-घर में माता रानी की भव्य पूजा आरंभ होगी।

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