मधुबनी। अखिल भारतीय मिथिला पार्टी के प्रदेश महासचिव मनोज झा ने बिस्फी विधायक पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि विधायक अपने चुनावी फायदे के लिए सामाजिक सौहार्द को बिगाड़ने में लगे हुए हैं।
मनोज झा ने हालिया घटनाओं का हवाला देते हुए कहा कि विधायक द्वारा रहिका थाना में दर्ज कराई गई एफआईआर पूरी तरह झूठ का पुलिंदा है। उनके अनुसार, एक मामूली विवाद को तूल देकर तिल का ताड़ बनाया गया है, जिससे समाज में अनावश्यक तनाव और अशांति फैलने की संभावना है।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, विधायक के आवेदन पर दो नामजद व्यक्तियों समेत लगभग 25–30 अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया है। इस कदम को लेकर मनोज झा ने आशंका जताई कि इससे सामाजिक विद्वेष गहराने और आपसी सौहार्द पर आंच आने की पूरी संभावना है।
उन्होंने आरोप लगाया कि विधायक का पिछला रिकॉर्ड भी सामाजिक माहौल बिगाड़ने का रहा है और वे बार-बार ऐसी घटनाओं को अपने राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल करते रहे हैं। सोशल मीडिया पर वायरल उनके विभिन्न बयानों का जिक्र करते हुए मनोज झा ने कहा कि उनमें साफ देखा जा सकता है कि विधायक अपने विरोधियों को “मिट्टी में मिला देने” और “अपनी ताकत का प्रदर्शन करने” जैसी बातें कर रहे हैं।
मनोज झा ने विधायक से सामाजिक और राजनीतिक हित में दर्ज कराई गई एफआईआर पर पुनर्विचार करने और इसे वापस लेने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विरोधियों से वैचारिक लड़ाई लड़ी जानी चाहिए, न कि समाज को बांटकर चुनावी फायदा उठाने की कोशिश की जानी चाहिए।

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