जिला पदाधिकारी आनंद शर्मा की अध्यक्षता में कल देर शाम समाहरणालय सभागार में बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम 1986 के अंतर्गत विमुक्त कराए गए बाल एवं किशोर श्रमिकों के आर्थिक एवं सामाजिक पुनर्वास के लिए गठित जिला स्तरीय टास्क फोर्स की बैठक आयोजित की गई। बैठक में राज्य कार्य योजना 2017 के अंतर्गत किए गए प्रावधानों की समीक्षा की गई।
धावादल की सराहना, सत्यापन व भूमि उपलब्ध कराने का निदेश
बैठक में अध्यक्ष-सह-जिलाधिकारी श्री शर्मा ने श्रम संसाधन विभाग के नेतृत्व में चलाए जा रहे धावादल के कार्यों पर संतोष व्यक्त किया तथा निर्देश दिया कि इसका संचालन सुदूरवर्ती क्षेत्रों में और अधिक सघनता से किया जाए।
उन्होंने अपर समाहर्ता को निर्देशित किया कि श्रम विभाग द्वारा उपलब्ध कराए गए विमुक्त बाल श्रमिकों की सूची का सत्यापन करा कर भूमिहीन विमुक्त बाल श्रमिकों के अभिभावकों को प्राथमिकता के आधार पर वास योग्य भूमि उपलब्ध कराई जाए।
विभिन्न विभागों से योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करने का आदेश
जिलाधिकारी ने जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला आपूर्ति पदाधिकारी, सिविल सर्जन, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (मनरेगा) तथा निदेशक, DRDA को निदेशित किया कि विमुक्त बाल श्रमिकों के अभिभावकों को प्राथमिकता पर अपने-अपने विभागीय योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराएँ।
बाल श्रम उन्मूलन के लिए जागरूकता अभियान पर जोर
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि बाल श्रम को जड़ से समाप्त करने के लिए सामाजिक जागरूकता और व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। इसके लिए जनजागरूकता अभियान चलाने एवं NGO (स्वयंसेवी संस्थाओं) के सहयोग से समाज के अंतिम व्यक्ति तक संदेश पहुँचाने पर बल दिया गया।

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