बेनीपट्टी प्रखंड के बरहा गांव में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व इस वर्ष भी पूरे उल्लास और श्रद्धा के साथ मनाया जा रहा है। सुबह से ही गांव का माहौल भक्तिमय रहा। पूजा की विधिवत शुरुआत पारंपरिक कलश शोभायात्रा के साथ हुई, जिसमें महिलाओं, युवाओं और बच्चों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। घर-घर के आंगनों से निकलती आरतियों, शंखनाद और घंटियों की ध्वनि ने पूरे गांव को भक्ति रस में रंग दिया।
ग्रामीणों के अनुसार, बरहा में जन्माष्टमी के आयोजन की यह परंपरा लगभग 80 वर्षों से निरंतर चली आ रही है। पीढ़ी-दर-पीढ़ी ग्रामीणों की निष्ठा और सहभागिता ने इस उत्सव को गांव की सांस्कृतिक पहचान बना दिया है। हर साल की तरह इस बार भी श्रद्धालुओं ने माखन चोर कन्हैया लाल की प्रतिमा स्थापित कर पूजा-अर्चना की और मंगलगीतों के बीच शुभारंभ किया।
शोभायात्रा और साज-सज्जा
कलश शोभायात्रा गांव के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए पूजा स्थल तक पहुंची। रास्ते भर रंगोली, केसरिया-गुलाबी पुष्प सज्जा और तोरण से सजे द्वार नजर आए। कई जगह ग्रामीणों ने धर्म ध्वजा और बंदनवार से स्वागत किया। युवा स्वयंसेवकों की टोलियों ने मार्ग-व्यवस्था संभाली, जबकि महिलाएं पारंपरिक गीत गाती हुईं शोभायात्रा का केंद्र बनी रहीं।
झांकियां और सांस्कृतिक कार्यक्रम
मंचित कार्यक्रमों में बाल लीलाओं पर आधारित झांकियों ने सबसे अधिक आकर्षित किया—नंदगांव की गलियां, गोवर्धनधारण, माखन चोरी जैसे प्रसंगों को बच्चों ने सजीव किया। गांव के कलाकारों ने भजन-कीर्तन की प्रस्तुति दी, जिन पर श्रोता देर रात तक झूमते रहे।
परंपरा और सहभागिता
स्थानीय परिवारों ने भोग के लिए माखन, मिश्री और पंचामृत का विशेष प्रबंध किया। वृद्धजन ने शास्त्रीय विधि से पूजन कराया, वहीं नई पीढ़ी ने सजावट, प्रकाश और ध्वनि व्यवस्था में मुख्य भूमिका निभाई। महिलाओं की कीर्तन मंडलियों ने पारंपरिक सोहर और मंगलगीत गाकर वातावरण को आध्यात्मिकता से भर दिया। कार्यक्रम के अंत में श्रद्धालुओं में प्रसाद वितरण किया गया।
आस्था का निरंतर प्रवाह
गांव के लोगों के लिए जन्माष्टमी केवल धार्मिक अनुष्ठान भर नहीं, बल्कि समुदाय की एकता, साझेदारी और सांस्कृतिक विरासत का उत्सव है। दशकों पुरानी यह सामूहिक परंपरा—जिसमें हर उम्र, हर वर्ग की भागीदारी रहती है—बरहा को सामाजिक समरसता का एक जीवंत उदाहरण बनाती है। इस वर्ष भी पूरे गांव में सजावट, रोशनी और भक्ति संगीत की गूंज ने पावन रात को विशेष बना दिया।

विकास से ज्यादा सता रही विरासत की चिंता, मधुबनी बना वंशवाद का गढ़
बिहार चुनाव में प्रचार अभियान तेज…जननायक कर्पूरी ठाकुर की धरती से पीएम की शुरुआत
विकास या बदलाव क्या चुनेगी जनता…! झंझारपुर विधानसभा सीट पर पारिवारिक साख की परीक्षा
मधुबनी में युवा मतदाताओं के साथ जिला पदाधिकारी आनंद शर्मा का संवाद, कहा — “लोकतंत्र की असली ताकत युवाओं में है”
जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने कई डिस्पैच सेंटरों का किया निरीक्षण, दिए आवश्यक दिशा-निर्देश
रहिका में विधानसभा चुनाव को लेकर पुलिस ने निकाला फ्लैग मार्च, क्षेत्र में शांति व सुरक्षा का भरोसा दिलाया