बिहार में चार विधानसभा तरारी इमामगंज बेलागंज और रामगढ़ में आगामी 13 नम्बर को उप चुनाव होने जा रहा है। भाजपा जदयू राजद माले और प्रशांत किशोर की नई पाटी जन सुराज ने अपना अपना पहलवान उतार दिया है। बिहार की राजनीति उप चुनाव के कारण गरमा गई है आरोप प्रत्यारोप का दौर जारी है। लेकिन सबसे ज्यादा जिन सीट की चर्चा है वो है बेलागंज विधानसभा सभा। यहां जदयू ने पूर्व एमएलसी मनोरमा देवी को उतार कर भाजपा की नींद उड़ा दी है। पिछले सितंबर माह में ही मनोरमा देवी के यहां एनआइए की छापा पड़ा था। मनोरमा देवी के घर से चार करोड़ तीन लाख नगद सहित ढेर सारे हथियार भी बरामद हुए थे। इसके साथ कई बहुमूल्य सामान भी एनआइए की टीम ले गयी थी। इतना हीं नहीं मनोरमा देवी के उपर देश द्रोह का आरोप भी लगा था और कहा गया था कि इनका सांठगांठ नक्सलियों से है।

मनोरमा नक्सलियों को आर्म्स सप्लाई करती है। अब सवाल है कि आखिर कौन हैं मनोरमा देवी । मनोरमा देवी के पति बिंदी यादव के आतंक से गया जिला हीं नहीं बल्कि आस पास के जिलों कोई मुंह नहीं खोलता था। पति जिला परिषद अध्यक्ष तो मनोरमा प्रखंड प्रमुख से अपनी राजनीतिक यात्रा शुरू की। बिंदी यादव राजद जदयू दोनों दलों में रहे और दो बार विधानसभा चुनाव भी लड़े लेकिन कामयाबी नहीं मिली। मनोरमा देवी को नीतीश कुमार ने एमएलसी भी बनाया। मनोरमा के पति बिंदी यादव तो अब इस दुनिया में नहीं हैं लेकिन पुत्र राकी यादव पिता के ही नक्शे कदम पर चल रहा है। गाड़ी को साइड नहीं देने के कारण राकी वाहन चला रहे चालक को सामने से गोली मारकर हत्या कर दी थी। पिता पुत्र और खुद मनोरमा देवी जेल भी जा चुके हैं। इनके पास कितनी सम्पत्ति है कोई नहीं जानता। अब सवाल उठता है कि ऐसे विवादित चेहरा को नीतीश कुमार ने उप चुनाव में टिकट कैसे दे दिया है। तो इसका जबाब है जीतने वाले प्रत्याशी को टिकट दिया गया है। मतलब साफ है कि यह किसी और को नहीं भाजपा को कराड़ा जबाब नीतीश कुमार ने दिया है। भाजपा नीतीश कुमार को घेरने के लिए बिहार में जबरदस्त चाल रही है इसी का जबाब है मनोरमा देवी को प्रत्याशी बनाना। अब भाजपा के सामने काटो तो खून नहीं जैसी स्थिति बन गई है। क्या भाजपा नेता मनोरमा देवी के प्रचार में जायेगे या नहीं यह तो नहीं पता लेकिन नीतीश कुमार ने भाजपा सामने मुसिवत खड़ा कर दी है। कल तक मनोरमा देवी को देश द्रोही कहने बाली भाजपा को अब कहना होगा कि मनोरमा देवी पाक साफ हैं। मतलब साफ है कि भाजपा का वासिग मशीन चौबीस घंटे काम इस मशीन में मनोरमा देवी भी पाक साफ हो कर निकलने वाली है। नीतीश कुमार भाजपा को हीं नहीं बल्कि बाहुबली सांसद सुरेंद्र यादव को भी खुली चुनौती यहां इन्हें उतार कर दे दी है। राजद यहां से सुरेन्द्र यादव के पुत्र को प्रत्याशी बनाया है जिसके पिता इस क्षेत्र में बाहुबली नेता माने जाते हैं। ऐसे ही नहीं कहा जाता कि नीतीश कुमार को पहचानना सबके बस की बात नहीं है। अब भाजपा को मुंह बंद रखने के अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं है। अगर भाजपा नेता मुंह खोले तो इसका खामियाजा नरेंद्र मोदी को भोगना पड़ेगा । नीतीश कुमार के तरकस से जो वाण निकलता उसमें सामने वाले हीं नहीं अगल बगल के लोग भी घायल होते हैं। इतना ही नहीं मांझी चिराग और भाजपा सबको संज्ञान में लेकर मनोरमा देवी को प्रत्याशी बनाया गया है। जदयू बिहार में मात्र एक जगह चुनाव लड़ रही है जबकि भाजपा दो और हम एक सीट पर मैदान में है।

भाजपा और और हम दोनों को जीत के लिए नीतीश कुमार की जरूरत है। दोनों में से कोई इधर उधर करेगी तो उनकी लुटिया डूबना तय है। भाजपा पिछले कुछ दिनों से बिहार में फड़फड़ाने लगी थी और नीतीश कुमार को घेरने के लिए चाल चल रही थी। लेकिन नीतीश कुमार ने तूं डाल डाल तो मैं पात-पात वाली खेल से दोनों भाजपा और हम को औकात में रहने के लिए एक संदेश दे दिया है। देश की सरकार नीतीश कुमार के रहमो-करम पर चल रही है यह हर कोई जानता है। बिहार में उप चुनाव का परिणाम बिहार की राजनीति पर बड़ा असर डाल सकता है। वैसे भी जन सुराज ने प्रत्याशी उतारकर दोनों गठबंधन का समीकरण बिगाड़ दिया है। देखिए आगे क्या गूग खिलता है।

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