अगर यौन शोषण का आरोप लगाने वाली महिला को मना लिया गया होता तो आज पूर्व विधायक गुलाब यादव और वरीय आइएएस अधिकारी संजीव हंस जेल में नहीं होते। इतना ही नहीं इसे सुलझा लेने से इन दोनों के ठिकानों पर ईडी का छापा भी नहीं पड़ता। लेकिन पीड़ित महिला की जानबुझ कर संजीव हंस और गुलाब यादव ने अनदेखी की । नतीजा हुआ कि इतना बड़ा बवाल हो गया और दोनों आज जेल के सलाखों में हैं। गुलाब यादव एक साधारण परिवार से आने वाले व्यक्ति रहे हैं। झंझारपुर के गंगापुर में इनके पिता घी का कारोबार करते थे। आरंभ में गुलाब यादव अपने पिता के व्यवसाय में हाथ बंटाते थे। फिर अपने बड़े भाई के साथ पूना में व्यवसाय करने चले गए। ये दो बार लखनौर प्रखंड का प्रमुख भी रहे। इस दौरान भी इन्हें एक बार जेल जाना पड़ा था। तब से ये राजनीति में रूचि लेने लगे। पहले खुद विधायक फिर बेटी बिन्दु गुलाब यादव मधुबनी जिला परिषद अध्यक्ष तो पत्नी अंबिका गुलाब यादव को अपने बूते एमएलसी बनवाया। दो बार गुलाब यादव लोकसभा चुनाव भी लड़े लेकिन दोनों बार हार गए। जब विधायक थे उसी दौरान संजीव हंस से इनकी नजदीकियां बढ़ी और ये दोनों बिजनेस पार्टनर भी बन गए। जमकर इन लोगों ने पैसा कमाया और खूब सुर्खियां बटोरी। इसी बीच बिहार की हीं एक महिला जो पेशे से अधिवक्ता हैं और इस समय इलाहाबाद में रहती है। इन्होंने एक सनसनीखेज खुलासा करते हुए कहा कि संजीव हंस और गुलाब यादव दोनों ने मुझे झांसा देकर अनेकों बार यौन शोषण किया। अपने बेटे को पिता का हक दिलाने के लिए सड़क पर उतरी और न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। उक्त महिला खुलेआम कहती है कि मेरा बेटा संजीव हंस का है इसका डीएनए टेस्ट कराया जाय सब कुछ सामने आ जायेगा। मामला कोर्ट में है। इसी महिला की शिकायत पर ईडी ने संज्ञान लिया और दोनों बुड़ी तरह फंसते चले गए। जहां तक संजीव हंस की बात है तो वे एक दशक पहले मधुबनी में डीएम थे । काफी तेज तर्रार अधिकारी तो थे हीं लेकिन पहले से ही रंगीन मिजाज के व्यक्ति थे जिसे बहुत कम लोग जानते हैं। पंजाब के रहने वाले संजीव हंस बिहार कैडर के आइएएस अधिकारी हैं। सरकार के विश्वास में रहने के कारण संजीव हंस कई बड़े पदों पर रहे हैं। संजीव हंस और गुलाब यादव दोनों को बेउर जेल में रखा गया है। ईडी संजीव हंस को रिमांड पर लेना चाहती है यह प्रक्रिया चल रही है। बताया जा रहा है कि जेल में उनकी तबियत बिगड़ गई है। आय से सम्पत्ति सहित कई मामले इन दोनों के उपर चल रहे हैं। इस केस का पटाक्षेप कब और कैसे होगा इसे कोई नही जानता। इधर पूर्व विधायक गुलाब यादव को जब दिल्ली से पटना लाया गया तो उन्होंने पत्रकारों से कहा है कि मुझे राजनीतिक साजिश के तहत फंसाया गया है जिसका जवाब जनता देगी। इस केस में और और खुलासा होने की चर्चा है अगर कोई बड़ा धमाका हुआ तो कई सफेदपोश लपेटे में आ सकते हैं और उन्हें भी जेल की हवा खानी पड़ सकती है।


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