मधुबनी,
अंग्रेजी के विकास में संस्कृत भाषा का अहम योगदान है । अंग्रेजी में प्रयोग होने वाले कई शब्द संस्कृत से लिए गए हैं, जैसे, अंग्रेजी के लव शब्द संस्कृत के लव्यंते ते धातु से बना है । अंग्रेजी अपने लचीले स्वभाव के कारण काफी विकसित हुई है । ये बातें जाने माने लेखक एवं ब्रिटिश लिंगुआ के प्रबंध निदेशक डॉ बीरबल झा ने ‘लक्ष्मीवती गुरूकुल’ सरिसवपाही, मधुबनी में आयोजित एक कार्यक्रम में कही ।
डॉ बीरबल झा गरूकुल के बच्चों क़ो समबोधित करते हुए अंग्रेजी और संस्कृत के समयक ज्ञान पर प्रकाश डालते हुए आगे कहा कि यदि आज संस्कृत और अंग्रेजी को साथ लेकर चलें तो व्यक्तित्व विकास के साथ अच्छे करियर पाना सहज हो जायेगा ।

गरूकुल के छात्रों ने संस्कृत के साथ -साथ अंग्रेजी में भी दिलचस्पी दिखाई । वे शीघ्र ही ब्रिटश लिंग्वा के ऑनलाइन क्लासेज से जुड़ कर अंग्रेजी भी सीखेंगे संस्कृत के साथ साथ।
मिथिला के यंगेस्ट लिविंग लेजेंड के रूप में ख्याति प्राप्त डॉ बीरबल झा ने आगे कहा कि व्यक्ति से ही समाज का निर्माण होता है । अच्छे व्यक्ति बनेंगे तभी अच्छे सामाज का निर्माण होगा।
सेलिब्रिटी डॉक्टर झा ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को स्पोकन इंग्लिश स्किल से जोड़कर रोजगार मूलक बनाने के लिए कार्यक्रम चला रहे हैं।
बता दें कि डॉक्टर झा भी सुदूर ग्रामीण क्षत्रे से आते हैं और उनका जीवन भी संघर्षो में बीता है। इसलिए वे ग्रामीण बच्चों की पीड़ा को जानते हैं।
गरूकुल के संचालक आचार्य रूपेश झा ने कहा कि डॉक्टर बीरबल झा जी के पहल से रोजी रोजगार के क्षेत्र में मिथिला में क्रन्तिकारी बदलाव आया है।
अपने समापन भाषण में डॉ बीरबल झा ने कहा कि अगर छात्र अंग्रेजी और संस्कृत दोनों को लेकर आगे बढ़े तो सोना में सुहागा का काम होगा ।

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