बेतिया
– आरबीएसके के तहत दिल में छेद वाले गंभीर बच्चों की सत्य साईं हॉस्पिटल अहमदाबाद में होती है निःशुल्क सर्जरी
राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के तहत ह्रदय रोग से पीड़ित जिले के विभिन्न प्रखंडो के 24 बच्चे को उनके अभिभावकों के साथ बेहतर इलाज के लिए जिला स्वास्थ्य समिति बेतिया से अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डॉ रमेश चंद्रा की मौजूदगी में हरी झंडी दिखाते हुए एम्बुलेंस से इंदिरा गाँधी ह्रदय रोग संस्थान पटना रवाना किया गया। वहां इन बच्चों का कैंप में स्क्रीनिंग की जाएगी, जहाँ सामान्य रोग होने पर पटना में ही इलाज की जाएगी वहीं गंभीर रोग होने पर अभिभावकों के साथ हवाई जहाज से श्री सत्य साईं हॉस्पिटल अहमदाबाद रवाना किया जाएगा। जहां इनके ह्रदय में छेद की सर्जरी कराई जाएगी। डॉ चंद्रा ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत जिले के सरकारी स्कूलों व आंगनबाड़ी केंद्र पर ऐसे बच्चों की स्वास्थ्य जांच कर स्क्रीनिंग की जाती है। उसके बाद ऐसे गंभीर बीमारियों से ग्रसित बच्चों की पहचान करते हुए उन्हें विशेष इलाज की सुविधा हेतु एम्बुलेंस से पटना रेफर किया जाता है। उसके बाद गंभीर ह्रदय रोग से पीड़ित बच्चों को सत्य साईं हॉस्पिटल अहमदाबाद उनके अभिभावक के साथ भेजा जाता है, जहां रहने, खाने, इलाज की सभी व्यवस्था के साथ ही हवाई जहाज के टिकट की निःशुल्क व्यवस्था की जाती है।
इन प्रखंडो के बच्चे हुए रवाना:
राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के जिला समन्वयक रंजन कुमार मिश्रा ने कहा कि जिले के नरकटियागंज प्रखंड के 09, लौरिया 03, मझौलिया 02,
बगहा -(1) से 01, बगहा -(2) से 03, योगापट्टी 02, चनपटिया 01, मैनाटांड 02, सिकटा से 01 बच्चे जो जन्मजात हृदय रोग से ग्रसित थे इन्हे जिला स्वास्थ्य समिति बुलाकर एम्बुलेंस से पटना भेजा गया है। समन्वयक रंजन कुमार मिश्रा ने बताया कि राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत जीरो से 18 साल तक के बच्चों को इस योजना का लाभ दिया जाता है उन्होंने नंबर जारी करते हुए कहा की ह्रदय में छेद जैसी गंभीर समस्या हो तो जिला स्तर पर इस +91 84060 65835 नंबर पर सम्पर्क करें।
कैंप लगाकर की जाती है बच्चों की स्क्रीनिंग:
डीपीएम अमित अचल ने बताया कि राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के तहत 43 प्रकार की बीमारियों की जांच चिकित्सकों द्वारा निःशुल्क रूप से आंगनबाड़ी केंद्रों, विद्यालयों व अन्य स्थानों पर कैंप लगाकर समय-समय पर की जाती है। जांच के दौरान कुछ बच्चों में हृदय रोग से संबंधित लक्षण दिखाई देने पर उन्हें जिले के अस्पताल में स्क्रीनिंग की जाती है। उसके बाद ह्रदय रोग से पीड़ित बच्चों को उनके माता-पिता और जरूरी कागजातों के साथ निःशुल्क एम्बुलेंस पटना और उसके बाद विमान से श्री सत्य साइ हॉस्पिटल, अहमदाबाद भेजा जाता है। उन्होंने बच्चों के अभिभावक से अपील करते हुए कहा की ऐसे बच्चों की जानकारी होने पर सरकारी अस्पताल या जिला स्वास्थ्य समिति के जिला समन्वयक रंजन कुमार से सम्पर्क करें। मौके पर एसीएमओ डॉ रमेश चंद्रा, लेखा प्रबंधक रणधीर सिंह, जिला समन्वयक रंजन कुमार, जिला स्वास्थ्य समिति के अन्य पदाधिकारी व कर्मी उपस्थित थें।

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