
पटना: जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने नीतीश कुमार पर आरोप लगाते हुए कहा कि नीतीश जी ने जिन 7 निश्चयों की घोषणा 2015 विधानसभा चुनावों में की थी, अब तक उन पर क्या काम हुआ उसका कोई हिसाब नहीं दिया गया हैं। उन्होंने कहा कि नीतीश जी अपनी कुर्सी बचाने के चक्कर में उन सभी निश्चयों को भूल गए हैं। उन्होंने बिहार के युवाओं से वादा किया था कि उनकी सरकार हर 18 से 35 वर्ष के बेरोजगार युवा को एक हजार का बेरोजगारी भत्ता देंगे। इसके साथ ही सात निश्चयों में से एक निश्चय यह भी था कि 1 करोड़ से ज्यादा परिवारों के बच्चों को 12वीं के आगे पढ़ाई करने के लिए सस्ता कर्ज दिया जाएगा। लेकिन बिहार सरकार के आंकड़ों के अनुसार पिछले 10 वर्षों में मात्र 9 लाख को ही इसका फायदा मिला। इसलिए नीतीश कुमार का 12 लाख नई नौकरी देने का ऐलान करना केवल एक चुनावी जुमला है।
इसके साथ ही 7 निश्चयों में से 1 निश्चय यह भी था कि नाली- सड़को का पक्कीकरण किया जाएगा, जो की ग्रामीण क्षेत्रों में एक बड़ी समस्या है। लेकिन यदि आप गाँवों में जाएँगे, तो यह मालूम पड़ता है कि 80 करोड़ की इस योजना में केवल भ्रष्टाचार हुआ है, असलियत में इसपर कोई काम नहीं हुआ हैं।

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