*पटना:* जन सुराज पदयात्रा के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने ANI को दिए साक्षात्कार में कहा कि नीतीश कुमार का अब राजनीतिक जीवन का अंतिम दौर चल रहा है। जो लोग मुझ पर या जन सुराज पर सवाल खड़े कर रहे हैं, उनसे जाकर पूछिए कि जब आपका नाव डूब गया था, नीतीश कुमार भगोड़े के तौर पर मुख्यमंत्री का पद छोड़ भाग खड़े हुए थे, राजनीति से संन्यास लेने का सोच रहे थे, तब उनके नेता ही हमारे पास मदद मांगने आए थे।

अगर प्रशांत किशोर नीतीश कुमार की मदद उस समय नहीं किए होते तो नीतीश कुमार और JDU का कोई पता नहीं होता। गीता में कहा गया है कि कृतघ्न नहीं होना चाहिए, कृतघ्नता से बड़ा कोई अपराध नहीं है। नीतीश कुमार और JDU के लोगों को कम से कम कृतघ्न नहीं होना चाहिए। अगर प्रशांत किशोर ने 2015 में कंधा नहीं लगाया होता, तो न वे होते, न उनका नेता होता, न कोई दल होता।

बिहार विधानसभा चुनाव 2025: चुनाव आयोग की टीम बिहार पहुँची, तैयारियों का होगा व्यापक समीक्षा
Bihar election: सियासी दंगल में सीमांचल तय करेगा किसके हाथ आयेगी सत्ता !
कांग्रेस शर्त के साथ 55 सीटों पर लड़ने को तैयार,सभी सीट कांग्रेस की पसंद की होगी, राजद चुप।
बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन पैकेज 2025 का लोकार्पण, आइडिया फेस्टिवल का हुआ भव्य समापन
सतत जीविकोपार्जन योजना के छंटनी ग्रस्त कर्मियों ने सरकार से लगाई गुहार, अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे
बिहार चुनाव 2025: राजद को कांग्रेस का अल्टीमेटम, 70 सीटें नहीं मिलीं तो अकेले लड़ेगी कांग्रेस