दरभंगा
दरभंगा शहर के प्रसिद्ध चिकित्सक एवं आरबी मेमोरियल अस्पताल के संस्थापक डा बीएन मिश्रा के निधन पर विद्यापति सेवा संस्थान ने शुक्रवार को शोक जताया। उनके प्रति संस्थान परिवार की ओर से शोक संवेदना व्यक्त करते हुए महासचिव डा बैद्यनाथ चौधरी बैजू ने कहा कि उनका निधन मिथिला के चिकित्सा जगत के लिए अपूर्णीय क्षति है। चिकित्सा जगत में इनके योगदानों को कभी भुलाया नहीं जा सकता है।
मैथिली अकादमी के पूर्व अध्यक्ष पं कमलाकांत झा ने उन्हें मिलनसार स्वभाव वाला मिथिला-मैथिली के विकास का सच्चा हितैषी बताया। डा बुचरू पासवान ने उनके संग बिताए क्षणों को याद करते कहा कि चिकित्सा क्षेत्र में दिए अपने योगदान के लिए वे सदैव याद किए जाएंगे। मणिकांत झा ने कहा कि वे बहुगुण संपन्न व्यक्तित्व थे। उनके निधन से हमने एक संवेदनशील मैथिली सेवी चिकित्सक को खो दिया। प्रो जीवकांत मिश्र ने कहा कि अपने कृतित्व एवं व्यक्तित्व के लिए वे सदा अमर रहेंगे।
प्रवीण कुमार झा ने कहा कि सरल, सहज एवं सौम्य व्यक्तित्व के धनी डा बीएन मिश्रा में घमंड का लेस मात्र नहीं था। वे कर्मनिष्ठ एवं धर्मनिष्ठ होने के साथ-साथ स्नेहिल स्वभाव का प्रतिरूप थे। डा महेंद्र नारायण राम ने कहा कि चिकित्सा जगत के एक निर्भीक एवं स्वाभिमानी हस्ताक्षर के रूप में वे हमेशा जीवंत रहेंगे। उनके निधन पर प्रो विजय कांत झा, विनोद कुमार झा, प्रो चन्द्रशेखर झा बूढ़ाभाई, दुर्गानंद झा, डा गणेश कांत झा, डा उदय कांत मिश्र, आशीष चौधरी, पुरूषोत्तम वत्स, मणिभूषण राजू आदि ने भी शोक जताया।

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