नवराष्ट्र मीडिया ब्यूरो
पटना : जदयू के महासचिव श्री राजीव रंजन ने कहा कि बिहार के साथ केंद्र सौतेला व्यवहार कर रही है। बिहार के 38 में से 24 जिले सूखाड़ और बाढ़ से प्रभावित रहते है। इसके बाद भी विशेष राज्य का दर्जा देने में केंद्र आनाकानी कर रही है। जबकि महाराष्ट्र और गुजरात के कुछ जिले ही प्राकृतिक आपदा से प्रभावित है। उसके बाद भी उन्हें विशेष श्रेणी में रखा गया है। उन्होंने कहा कि गुजरात के अमरेली, भावनगर, जामनगर, जूनागढ़, राजकोट, पोरबंदर, सुरेंद्र नगर, गिरसोमनाथ और महाराष्ट्र के विदर्भ और मराठवाड़ा प्राकृतिक आपदा को विशेष श्रेणी का दर्जा मिला। जबकि बिहार के 24 जिले सूखाड़ और बाढ़ से प्रभावित, लेकिन विशेष राज्य का दर्जा देने में भाजपा राजनीति कर रही है। उन्होंने कहा कि बिहार में सीएम श्री नीतीश कुमार बीसी, ओबीसी, एसटी, एससी के जीवन स्तर को सुधारने के लिए आरक्षण सीमा बढ़ाया है और केंद्र से भी मांग की है कि 9वें सीड्यूल में इसे रखा जाए। इसके साथ ही सीएम श्री नीतीश कुमार ने गरीबों की स्थिति सुधारने के लिए विशेष प्रयास शुरु कर दिया है। सर्वे में बिहार में 94 लाख परिवार गरीब है। जिसमें सामान्य के 25.09ः, पिछड़ा वर्ग में 33.16ः, अति पिछड़ा वर्ग में 33.58ः, दलित परिवार में 42.93ः, अनुसूचित जनजाति में 42.70ः है। गरीबों की स्थिति को सुधारने के लिए सीएम श्री नीतीश कुमार ने प्रत्येक परिवार को 2 लाख रुपए देने की योजना बनायी है। इसके साथ ही प्रत्येक परिवार के सर पर छत हो इसके लिए जमीन खरीदने के लिए 60 हजार की जगह 1 लाख और मकान बनाने के लिए 1.20 लाख रुपए देने की घोषणा की है। आने वाले समय में बिहार में कोई भी व्यक्ति मकान विहीन नहीं होगा। रोजगार के लिए 1 लाख रुपए की जगह 2 लाख रुपए की सहायता दी जा रही है।

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